अवैध कटाई और वन भूमि पर कब्जे के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार, 13 दिन की न्यायिक रिमांड

बिलासपुर— बिलासपुर वन मंडल के रतनपुर परिक्षेत्र में संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध कटाई, आगजनी और वन भूमि पर कब्जे के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को 13 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, वहीं उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई।
वन विभाग के अनुसार, 12 जुलाई 2026 को रतनपुर परिक्षेत्र के बीट-पूर्व छतौना संरक्षित वन के कक्ष क्रमांक 2548 में बड़गुड़ा नाला किनारे स्थित शासकीय वन क्षेत्र में साल, साजा सहित अन्य बहुमूल्य प्रजातियों के वृक्षों की अवैध कटाई की गई। कटाई के बाद लकड़ी के ठूंठों में आग लगाकर उन्हें जलाने का प्रयास किया गया तथा वन भूमि पर अवैध कब्जा भी किया गया।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को पूर्व में समझाइश दिए जाने के बावजूद वे लगातार अवैध कटाई, सफाई और वन भूमि पर कब्जे की गतिविधियों में संलिप्त थे। इस कार्रवाई से वन क्षेत्र की जैव विविधता, प्राकृतिक पर्यावरण और शासकीय संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
वन विभाग ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोटा के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को 13 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने के आदेश दिए। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उसे भी निरस्त कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों में जगराम टोप्पो, सुखराम टोप्पो, मनदेव लकड़ा और सरदेव लकड़ा शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम बलगामाटा, थाना रतनपुर, जिला बिलासपुर के निवासी बताए गए हैं।
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927, भारतीय वन (छत्तीसगढ़ संशोधन) अधिनियम 2014, वन (संरक्षण) अधिनियम 1980, जैव विविधता अधिनियम 2002 तथा लोक संपत्ति की क्षति निवारण अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, आगजनी और कब्जे जैसी गतिविधियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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